फरीदाबाद : सर्वोदय अस्पताल सेक्टर-8 में गांव अटाली में रहने वाले 40 वर्षीय सुनीता देवी का हाइब्रिड लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया से इलाज कर उन्हें खाना खाने योग्य बनाया है। वह लगभग एक वर्ष से बड़ी आं
की बीमारी से जूझ रही थी। आपेरशन के बाद लगभग तीन महीने बाद उन्होंने भोजन करना शुरू किया है। अस्पताल के वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डा.बालकिशन गुप्ता ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि महिला की बड़ी आंत में छेद हो गया था, जिससे उनका मल पेट में भी निकल रहा था। जनवरी महीने में उन्होंने दिल्ली के किसी अस्पताल में इलाज कराया, जहां पर डाक्टर ने आपरेशन कर उनके मल त्याग के लिए रास्ता बना दिया था। कुछ दिन बाद बनाए गए रास्ते से मल निकलना शुरू हो गया। उसके बाद एक बार फिर से उनका आपरेशन कर मल त्याग करने के लिए दूसरा रास्ता बनाया। उससे भी महिला की समस्या ठीक नहीं हुई। उनका खाना-पीना भी लगभग बंद हो गया था। पेट में मल एकत्र होने से संक्रमण बढ़ गया था और आंते भी आपस में चिपक गई थी। डा.बालकिशन गुप्ता ने बताया कि मरीज की आंत उसके पेट से बहुत अधिक चिपकी हुई थी और उसके पहले से ही तीन आपरेशन हो चुके थे, इसलिए आपरेशन के दौरान उसकी आंत फटने का खतरा था। इसलिए हाइब्रिड लेप्रोस्कोपी से आपरेशन करने का निश्चय किया, जिसमें पहले आपरेशन हो चुके स्थानों से बचते हुए छोटे छिद्रों से पेट में आपरेशन करने की जगह बनाई। मल का प्राकृतिक रास्ता खोला गया। आपरेशन के तीन-चार दिन बाद ही महिला ठीक होने लगी और खाना भी खाने लगी थी। महिला सुनीता ने बताया कि अब वह स्वस्थ महसूस कर रही हैं और करीब तीन महीने बाद खाना शुरू किया है। अस्पताल के चेयरमैन डा. राकेश गुप्ता ने डा. बालकिशन गुप्ता व डा. बीरबल कुमार की टीम को इस सफल आपरेशन के लिए बधाई दी है।
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